चतुर टॉम – Hindi Story, Story for Kids, Short Story, Kahani

चतुर टॉम एक नटखट लड़का और उसकी बूढ़ी मौसी की कहानी है. चतुर टॉम की चतुराई उसकी खूबी थी. उसकी मौसी टॉम की शरारतों से कभी-कभी तंग आ जाती थी, लेकिन टॉम की चतुराई देख उनके होठों पर मुस्कान थिरक उठती थी। पर एक दिन उनका धैर्य जवाब दे गया।

टॉम की शैतानी देख उन्होंने उसे अपने घर की चारदीवारी पर सफ़ेदी करने का काम दे दिया। उस दिन गुनगुनी धूप निकली हुई थी। टॉम हाथ में सफ़ेदी की बाल्टी और कूची लिए चारदीवारी की पुताई करने निकला।

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उसने सोचा-आज का दिन कितना सुंदर है। क्या मैं आज इसे पुताई में ही गुज़ार दूंगा? आखिर कुछ न कुछ तो मुझे करना ही पड़ेगा। थोड़ी देर बाद उसका दोस्त बेन रोगर्स सेब खाता हुआ उछलता-कूदता वहाँ आया। बेन ने बड़ी सहानुभूति से उससे कहा- “अरे टॉम, आज तो तुम्हें काम करना पड़ रहा है।”

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टॉम हँसकर बोला- “काम! तुम इसे काम कहते हो? अरे, रोज़-रोज़ चारदीवारी की पुताई करने का मौका किसे मिलता है? मेरी खुशी का तो आज ठिकाना ही नहीं है।” अब तो बाज़ी पलट गई। बेन ने सोचा- काश! मुझे भी पुताई का ये मौका मिल जाए।

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उसने खुशामद के स्वर में कहा, “टॉम, थोड़ी देर मुझे भी पुताई करने दो।” टॉम ने एक-दो बार जान-बूझकर मना किया। लेकिन जब बेन ने उसे सेब देने का प्रस्ताव दिया तो वह मान गया। टॉम ने बड़ा एहसान दिखाते हुए अपनी कूची छोड़ दी और बेन उसके स्थान पर प्रसन्न मन से पुताई करने में जुट गया।

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थोड़ी देर में वहाँ कुछ और भी लड़के आए। टॉम ने उन्हें भी अपनी बातों में फँसा लिया। एक लड़का थकता, तो दूसरा कूची को हाथ में लेकर उत्साह से पुताई कार्य में जुट जाता। टॉम आराम से एक तरफ़ खड़ा उन्हें निर्देश देता जा रहा था।

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कुछ ही देर में पूरी चारदीवारी चमकने लगी। अब टॉम की खुशी का ठिकाना न रहा। वह भागकर मौसी के पास गया और शान से बोला – “पूरी चारदीवारी की पुताई हो गई मौसी।” जब उसकी मौसी ने वहाँ जाकर चारदीवारी का निरीक्षण किया तो उन्होंने टॉम को शाबाशी दी।

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मौसी ने कहा – “तुम्हारे हाथों में तो जादू है। अच्छा टॉम, अब तू जा, अपने दोस्तों के साथ खेल-कूद आ।” मौसी ने टॉम को एक सेब भी दिया। टॉम बड़े मजे से सेब खाता हुआ घर से निकल पड़ा। वह सोच रहा था-‘ आज का दिन कितना अच्छा है।” दोस्तों अगर आपको चतुर टॉम की कहानी पसंद आई हो तो इसे शेयर करना न भूले.

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